Nuh: ईद के अवसर पर सोमवार (31 मार्च) को नूंह में लोगों ने फिलिस्तीनी झंडे के साथ तिरंगा झंडा भी लहराया. तिरंगे झंडे में अशोक चक्र नहीं था. यह एक तरह से तिरंगे के अपमान की तरह माना जा रहा है. पुलिस ने ईद पर की गई इस तरह की हरकत को लेकर आरोपितों के खिलाफ मंगलवार को केस दर्ज किया है.
तिरंगे झंडे में से गायब था अशोक चक्र
सोमवार को ईद के अवसर पर नूंह जिला के घासेड़ा गांव में लोगों ने जुलूस निकाला था. जुलूस में लोगों ने फिलिस्तीनी झंडा भी ले रखा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. फिलिस्तीनी के समर्थन में लोगों के नारेबाजी करने की बातें कही गईं. लोगों ने इस दौरान एक तिरंगा झंडा भी लहराया था. इसे तिरंगे झंडे का अपमान माना गया क्योंकि तिरंगे झंडे में अशोक चक्र नहीं था. सिर्फ तीन रंग के कपड़े को जोड़कर तिरंगा बनाया गया था.
यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी खूब वायरल हुआ. पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए अनेक वीडियो की जांच की. इस दौरान तिरंगे के अपमान की जानकारी मिली. इस पर नूंह के सदर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है.
नूंह पुलिस मुख्यालय डीसीपी हरेंद्र कुमार के मताबिक कुछ शरारती तत्वों ने ईद पर जुलूस निकाला था. इनमें से कुछ लोग भारत के राष्ट्रीय ध्वज को हाथों में लिए हुए थे. उसमें अशोक चक्र नहीं था. यह तिरंगे का अपमान करना माना जा रहा है. सोशल मीडिया के माध्यम से एक युवक की पहचान की गई है. आरोपित की पहचान साबिर के रूप में हुई है. वह घासेड़ा गांव का निवासी है. साबिर एवं अन्य कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है.
साभार – हिंदुस्थान समाचार
ये भी पढ़ें: पादरी बजिंदर सिंह को आजीवन कारावास, रेप मामले थे दोषी