हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने बैगर रेजिस्ट्रेशन के चल रहे कोचिंग सेंटरों और शिक्षण अकादमियों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा. साथ ही एमबीबीएस और इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए NEET और JEE की तैयारियां कराने वाले निजी संस्थानों की फीस पर भी सरकार अपनी पैनी नजर रहेगी. सैनी सरकार ने नया शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले ही यह आदेश जारी कर दिए हैं.
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीत गर्ग द्वारा जारी आदेश दिए हैं, जिसमें उन्होंने कहा कि बिना रजिस्ट्रेशन के कोचिंग सेंटर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अवैध रुप से चलाए जा रहे कोचिंग सेंटर को तुरंत बंद कर दिया जाएगा. लाइसेंस जब्त कर लिए जाएंगे. साथ ही बिल्डिंग को जब्त कर लिया जाएगा. इसके अलावा कोचिंग सेंटर और बिल्डिंग के मालिक दोनों के खिलाफ केस भी दर्ज किया जाएगा.
कोचिंग सेंटर के लिए रजिस्ट्रेशन हुआ जरुरी
बता दें, पिछले साल हरियाणा सरकार ने कोचिंग संस्थानों का रजिस्ट्रेशन और विनियमन अधिनियम पारित किया था, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में बिना किसी रजिस्ट्रेशन के कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे थे. नए कानून के अनुसार, प्रदेश में मौजूद सभी निजी कोचिंग सेंटर के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है.
जल्द होगा कमेटी का गठन
हरियाणा सरकार द्वारा जारी किए गए नए आदेश के बाद जल्द सभी जिलों में उपायुक्त की अध्क्षता की कमेटी का गठन होगा. जिसमें पुलिस अधीक्षक, जिला नगर आयुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, जिसा उच्चतर शिक्षा अधिकारी और डीसी के अनुमोदन से एक लेखा अधिकारी शामिल है. इसके साथ ही, जिल में प्राइवेट इंस्टीट्यूट के प्रतिनिधियों में से 2 सदस्यों को ड्रॉ के जरिए इस कमेटी में शामिल किया जाएगा. जिला स्तर पर गठित कमेटी निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए कोचिंग सेंटर्स और अकादमियों के रजिस्ट्रेशन को मंजूरी देगी.
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