Sonipat: सोनीपत के गोहाना में पुराने झगड़े की रंजिश के चलते 350 एकड़ पराली जलाने का मामला सामने आया है. पीड़ित का आरोप है कि उसने आरोपी को आग लगाकर भागते हुए देखा. पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
आग बुझाने के लिए आधा दर्जन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भेजी गईं, लेकिन पूरी पराली जलकर खाक हो गई.
गंगेशर निवासी रामेहर उर्फ काला ने पुलिस को बताया कि वह गोहाना-रोहतक हाईवे पर लैंडमार्क स्कूल के पास ढाबा चलाता है. उसने अपने ढाबे के पास वाले खेत में 350 किले पशुओं की पराली व्यापार के लिए इकट्ठा की थी.
रामेहर के अनुसार, 27 फरवरी को रूखी गांव का सुरेंद्र नशे की हालत में ढाबे पर आया और वहां सोने की जिद करने लगा. कुछ घंटे सोने के बाद जब ग्राहक आए तो उसे उठा दिया गया, जिससे वह नाराज हो गया.
अगले दिन दोनों के बीच समझौता हो गया, लेकिन रामेहर का आरोप है कि सुरेंद्र रंजिश रखे हुए था और बदला लेने की फिराक में था.
रामेहर के मुताबिक, रविवार रात के समय अचानक उसकी पराली में आग लग गई. उसी दौरान, सुरेंद्र के गांव का एक व्यक्ति रामेहर के पास आया और बताया कि कुछ देर पहले सुरेंद्र इसी दिशा में गया था. जब रामेहर मौके पर पहुंचा तो उसने सुरेंद्र को वहां से भागते देखा.
पीड़ित ने बताया कि उसने पराली उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बेचने के लिए इकट्ठा की थी, जिसमें से करीब 20 किले की पराली पहले ही बिक चुकी थी. आग से उसे करीब 22 लाख रुपये का नुकसान हुआ है. आग बुझाने के लिए सोनीपत, खरखौदा और गोहाना से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं.
आधा दर्जन गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक पूरी पराली जल चुकी थी. रामेहर की शिकायत पर थाना सदर गोहाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने जांच की जिम्मेदारी हेड कॉन्स्टेबल संजीत को सौंपी है.
मौके पर एएसआई सतीश, एसपीओ पवन और अन्य पुलिसकर्मी पहुंचे और घटना की जानकारी एसएचओ को दी गई. पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी से पूछताछ कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
साभार – हिंदुस्थान समाचार
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