38th International Surajkund Mela 2025: 38वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड शिल्प मेला अब अपने चरम पर है. मेले में पर्यटकों की संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है. अभी तक करीब दो लाख पर्यटक इस मेले में भ्रमण एवं खरीददारी का आनंद उठा चुके हैं. मेले में आए दिन देश-विदेश से आए आर्टिस्ट अपनी नृत्य एवं गायन शैली से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन कर रहे हैं. मेले में सफाई व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. सुबह से लेकर रात तक सफाई कर्मचारी बड़ी संजीदगी से अपनी ड्यूटी का पालन कर रहे हैं. मेले की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए यहां जगह-जगह सेल्फी प्वाइंट बनाए गए हैं. जिनके आगे खड़े होकर खुद की तस्वीर खिंचवाने का मोह पर्यटक छोड़ नहीं पाते. मॉल रोड पर बने ये सेल्फी प्वाइंट पर्यटकों को बखूबी अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं.
कोणार्क मंदिर की प्रतिकृति, आई लव सूरजकुंड का लगाया गया लोगो, असम की वन संपदा को दर्शाता हुआ काला गैंडा, हरियाणवी चौपाल के सामने खड़ी पुरानी बैलगाड़ी, बद्रीनाथ धाम का द्वार, रंगीन फव्वारे, नाचता हुआ मोर आदि के सामने आप किसी भी समय पर्यटकों को अलग-अलग मुद्राओं में खड़े होकर फोटो खिंचवाते हुए देख सकते हैं. हरियाणा पर्यटन निगम ने इस बार ऑनलाइन टिकट बुकिंग के अतिरिक्त स्टॉल बुकिंग के लिए भी ऑनलाइन प्रणाली शुरू की थी और डिजिटल मोड से मेला चल रहा है.
हरियाणा, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, बिहार, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश राज्यों के अलावा किर्गिस्तान, अफगानिस्तान, नेपाल, युगांडा, आर्मेनिया, सीरिया, ईरान आदि देशों के शिल्पकार मेले में अपनी कलात्मक वस्तुओं, वस्त्रों, घरेलू सामान की प्रदर्शनी से पर्यटकों को खरीदारी के लिए सहज आमंत्रण देते हुए दिखाई दे रहे हैं. मेले में सुरक्षा व्यवस्था का कड़ा प्रबंध किया गया है. जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं और पुलिस कर्मचारी मुस्तैदी से आने-जाने वालों पर निगरानी रख रहे हैं. शौचालय, पीने का पानी, डस्टबिन, बेंच आदि का यहां समुचित प्रबंध किया गया है. बड़ी व छोटी चौपाल तथा नाट्यशाला में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सुबह से शाम तक झड़ी लगी रहती है. नगाड़ा व बीन पार्टियों के साथ विदेशी आर्टिस्ट अपनी मदमाती थाप से पर्यटकों को थिरकने पर मजबूर कर देते हैं.
साभार – हिंदुस्थान समाचार
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