Indian Submarines: भारत के एक ओर अरब सागर है तो दूसरी ओर बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर. इन समुद्री सीमाओं पर भारत को दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ता है. यही कारण है कि भारत अब अपनी पनडुब्बियों में “एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन” (AIP) तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। यह अत्याधुनिक तकनीक पनडुब्बियों को लंबे समय तक बिना सतह पर आए गहरे पानी में ऑपरेट करने की क्षमता प्रदान करती है. AIP तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पनडुब्बियों को दुश्मन के रडार से बचने में सक्षम बनाती है. आने वाले समय में AIP तकनीक से लैस पनडुब्बियों के साथ भारत अपनी नौसेना को आत्मनिर्भर बनाएगा.