भारत में शिपबिल्डिंग उद्योग लगातार विकास कर रहा है. वर्तमान में, भारत दुनिया में कार्गो जहाज निर्माण में 17वें स्थान पर है. लेकिन भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसी योजनाओं ने इस क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं पैदा की हैं. इन योजनाओं के तहत भारत का लक्ष्य 2030 तक दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शिपबिल्डिंग में शामिल होना है. इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए भारत की प्रमुख शिपबिल्डिंग कंपनी ‘उडुपी कोचीन शिपयार्ड’ ने हाल ही में नार्वे देश के लिए एक विशाल जहाज का निर्माण पूरा किया है.