केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि वर्ष 2024-25 में देश में जल विद्युत उत्पादन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाकर केंद्रीय परियोजनाओं को लागू किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने तमिलनाडु व राजस्थान में 5900 मेगावाट परमाणु बिजली का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है.
मनोहर लाल ने सोमवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों को बताया कि वर्ष 2025-26 में 34,855 मेगावाट नवीनीकरण ऊर्जा क्षमता में बढ़ोतरी होगी. इनमें सौर ऊर्जा से लेकर पवन और हाइब्रिड बिजली उत्पादन शामिल है. केंद्र सरकार का लक्ष्य पहाड़ी क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं को बढ़ावा देना है और मैदानी इलाकों में सौर ऊर्जा को बड़ा विकल्प बनाने पर फोकस है.
साल 2024-25 (अप्रैल, 2024 से फरवरी, 2025) के दौरान जल विद्युत उत्पादन एक लाख 39 हजार 780 मिलियन यूनिट (सह) था, जबकि 2023-24 की इसी अवधि के दौरान यह एक लाख 27 हजार 038 एमयू था, जो जल विद्युत उत्पादन में 10 प्रतिशत की वृद्धि है.
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि देशभर में ग्रिड स्टेशनों के साथ पावर प्लांट और ट्रांसमिशन अपग्रेड पर फोकस है. वर्ष 2025-26 में देश में उपभोक्ताओं की मांग 277 गीगावाट रहने की उम्मीद है, जबकि देश की वर्तमान स्थापित उत्पादन क्षमता 470 गीगावाट है.
सरकार ने अप्रैल, 2014 से 238 गीगावाट उत्पादन क्षमता बढ़ाकर बिजली की कमी के गंभीर मुद्दे का समाधान किया है. 2014 से 2,01,088 सर्किट किलोमीटर (CKM) ट्रांसमिशन लाइनों, 7,78,017 एमवीए परिवर्तन क्षमता और 82,790 मेगावाट अंतर-क्षेत्रीय क्षमता को जोड़ा गया है, जिससे देश के एक कोने से दूसरे कोने तक 1,18,740 मेगावाट बिजली स्थानांतरित करने की क्षमता है.
हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में केंद्र, राज्य व निजी क्षेत्र में 2025-26 में 6040 मेगावाट उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, तमिलनाडु, पश्चिमी बंगाल व तेलंगाना में तापीय बिजली थर्मल प्लांट के जरिये 9280 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा.
साभार – हिंदुस्थान समाचार
ये भी पढ़ें: BJP स्थापना दिवस पर प्रदेश कार्यकर्ताओं को मिलेगा नया मुख्यालय, जानें पता