Haryana Assembly Session 2025: हरियाणा विधासभा के बजट सत्र (Haryana Budget Session 2025) में नए 4 अहम विधायक पारित किए गए हैं. इन विधायकों में सार्वजनिक द्यूत (जुआ-सट्टा) रोकथाम, हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक, संविदात्मक कर्मचारी संशोधन विधेयक 2025 और ट्रेवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन विधेयक शामिल है. इसके अलावा सदन में हरियाणा बागवानी पौधशाला विधेयक और अपर्णा संस्था विधेयक 2025 भी पेश किया गया.
बिना रजिस्ट्रेशन के कारोबार चलाने ट्रेवल एजेंटों को होगी 7 साल की सजा
युवाओं का शोषण न हो, इसलिए अवैध इमीग्रेशन और डोंकी एजेंट्स के खिलाफ आज बिल पास कर दिया है।
ऐसे एजेंटों के लिए अधिकतम 7 साल की कैद और ₹5 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। pic.twitter.com/FlOkvXBaNz
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) March 26, 2025
सीएम सैनी ने सदन में कहा कि ट्रेवल एजेंट की पादर्शिता, उत्तरदायित्व और उकी अवैध गतिविधियों को जांचने के लिए सदन में ट्रेवल एजेंटों का पंजीकरण और विनियमन विधेयक 2025 पारित किया गया है. इस कानून के तहत बिना वैध रजिस्ट्रेशन के कारोबार चलाने वाले एजेंटो को अधिकतम 7 साल की सजा होगी. साथ ही 5 लाख रुपये तक का जुर्माना भी देना पड़ेगा.
यदि विधेयक में कोई मानव तरकरी करने में दोषी पाया जाता है , तो इसमें दोषी को 7 से 10 साल तक सजा का प्रावधान भी शामिल है.
सट्टेबाजों को होगी 5 साल तक की सजा
सट्टेबाजी करने वालों को 3 से 5 साल तक की कैद होगी और प्रॉपर्टी भी जब्त की जाएगी। pic.twitter.com/hCbPHWTFE4
— Nayab Saini (@NayabSainiBJP) March 26, 2025
प्रदेश में सार्वजिनक द्य़ूत, खेलों में मैच फिक्सिंग या स्पॉट फिक्सिंग को रोकने के लिए, खेलों और चुनाव में सट्टेबाजी करने वालों के खिलाफ हेतु हरियाणा सार्वजनित द्यूत रोकथाम विधेयक 2025 सदन में पारित किया गया है. इस विधेयक के तहत चुनावों और मैच फिक्सिंग में सट्टा लगाने वालों को 3 से 5 साल की सजा होगी. इसके अलावा उनकी प्रोपर्टी भी जब्त कर ली जाएगी.
सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने पर लगी रोक
विधानसभा में हरियाणा शव का सम्मानजनक निपटान विधेयक 2025 के तहत सड़क पर शव रख कर प्रदर्शन करने पर पूरी तरह से पांबदी लगा दी गई है. सदन में कहा गया है कि प्रदेश में शव के बुनियादी मानव आधिकारों को बनाए रखना, शव का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करना और उससे जुड़े मामलों को इस विधेयक में शामिल किया गया है.
इस विधेयक के अनुसार भारत के सविंधान के अनुच्छेद 21 तहत जीवन के अधिकार के दायरे में मृतकों के अधिकार और सम्मान भी शामिल है. सम्मान और उचित व्यवहार का अधिकार न केवल जीवित इंसान बल्कि मरने के बाद उसके शरीर भी प्राप्त है.
संविदात्मक कर्मचारी संशोधन विधेयक 2025 हुआ पारित
हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) अधिनियम, 2024 को संशोधित करने के लिए हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी संशोधन विधेयक 2025 सदन में पारित किया गया. इस विधेयक में संविदा कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित की गई है. वहीं किसी कर्मचारी कौ नौकरी सुरक्षित करने के लिए कैलेंडर वर्ष में 240 दिन काम करने की शर्त को हटा दिया गया है.
बता दें, इस विधेयक के तहत लाभ उन कर्मचारियों को मिलेगा, जिन्होंने नियत तिथि यानि 15 अगस्त, 2024 को पूर्णकालिक आधार पर किसी सरकारी संस्था में कम से कम 5 साल की सेवा पूरी कर ली है.
विधेयक में संशोधन के तहत जिस भी संविदात्मक कर्मचारी ने कैलेंडर साल में कम से कम 240 दिनों के लिए पारिश्रमिक प्राप्त कर लिया है. उसे पूरा साल काम किया हुआ समझा जाएगा.
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