अभिव्यक्ति की आजादी और मॉडर्न आर्ट के नाम पर हिन्दू-धर्म को अपमानित करना और देवी-देवताओं को गलत चित्रित करना आम हो गया है. कोई राजनेता हिन्दू धर्म की तुलना डेंगू-मलेरिया से कर देता है.. तो कोई कला के नाम पर हमारे देवी-देवताओं को निर्वस्त्र चित्रित करता है.