Atul Subhash Suicide Case: आज महिलाओं को लेकर जो कानून बनाए गए है वो कहीं न कहीं पुरुषों के लिए घातक साबित हो रहे है जिससे महिलाओं के किरदार पर भी सवाल उठने लगे है और आज कल जो फेमिनिज्म के नाम पर पुरुषों का जो शोषण हो रहा है उसे भी नकारा नहीं जा सकता है. लेकिन असल में जो महिला घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न या ऑफिस में यौन हिंसा का शिकार होती है उन्हें भी न्याय नहीं मिलता.